भाई दूज 2026 का त्योहार होली के बाद मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है। इस दिन बहन अपने भाई को तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती है।
भारत में होली का त्योहार खत्म होते ही एक और खास पर्व मनाया जाता है, जिसे भाई दूज कहा जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई को तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है।
📅 2026 में होली के बाद भाई दूज कब है
साल 2026 में होली 3 मार्च को मनाई गई थी।
होली के दो दिन बाद भाई दूज 5 मार्च 2026, गुरुवार को मनाया जा रहा है।
हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है।
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🪔 भाई दूज का महत्व
भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई को तिलक लगाकर उसके अच्छे स्वास्थ्य, लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे, जहाँ यमुना ने उनका स्वागत किया और तिलक लगाया। तभी से भाई दूज का त्योहार मनाया जाने लगा।

🪔 भाई दूज की परंपराएँ
भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई के लिए विशेष पूजा करती हैं।
मुख्य परंपराएँ इस प्रकार हैं:
- बहन भाई को रोली और चावल से तिलक लगाती है
- भाई की आरती उतारी जाती है
- भाई को मिठाई खिलाई जाती है
- भाई अपनी बहन को उपहार देता है
इस दिन परिवार में खुशी और उत्सव का माहौल रहता है।
🌸 अलग-अलग राज्यों में भाई दूज के नाम
भारत के कई राज्यों में यह त्योहार अलग-अलग नामों से मनाया जाता है:
- उत्तर भारत – भाई दूज / भैया दूज
- महाराष्ट्र – भाऊ बीज
- नेपाल – भाई टीका
- बंगाल – भाई फोटा
हालाँकि नाम अलग हो सकते हैं, लेकिन त्योहार का संदेश भाई-बहन के प्यार और सम्मान का ही होता है।
✨ निष्कर्ष
होली के बाद आने वाला भाई दूज का त्योहार 5 मार्च 2026 को मनाया जा रहा है। यह पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार तिथि की जानकारी पंचांग वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।